हे प्रभु तेरी है ये कैसी माया,
मदहोश युवा को असीमित आज़ादी और देश की रक्षा करने वाले के सर पर मौत का साया,
आज देने को अपने खून का एक कतरा भी, जिनका मन सोच न पाया,
किसी गूदड़ी के लाल ने इस देश के गद्दारो पर भी, अपनी जान न्योछावर करने का मन बनाया,
जब-जब हर रात तुमने अपने बच्चो के सर पर ममता भरा हाथ फेहराया ,
हर उस पल में किसी के लाल की आखिरी साँसों ने दोहराया,
ऐ भूल न जाना मेरे वतन वालो,
तुम्हे सुख की नींद सुलाने के लिए मैंने अपनी माँ का दिल है दुखलाया,
इस देश में शोना-बाबू के नाम पर जान देने / लेने वालो को ये एक पल समझ न आया,
तुम जिसे समझते सस्ती , उस जान की रक्षा करने के लिए मैंने अपना सर कटवाया,
हज़ारो सुइओ सी चुभती उस कड़क ठण्ड में भी मुझे एक पल चैन न आया,
ऐ भूल न जाना मेरे वतन वालो,
तुम्हे सुख की नींद सुलाने के लिए मैंने अपनी माँ का दिल है दुखलाया,
इस देश में शोना-बाबू के नाम पर जान देने / लेने वालो को ये एक पल समझ न आया,
तुम जिसे समझते सस्ती , उस जान की रक्षा करने के लिए मैंने अपना सर कटवाया,
हज़ारो सुइओ सी चुभती उस कड़क ठण्ड में भी मुझे एक पल चैन न आया,
देके दगा अपने वतन को तुमने मेरे बलिदान को है गवाया,
आज़ादी के नाम पर तुम लोगो का एक बाल भी ना कुछ कर पाया,
तुम लोगो की खातिर मैं अपने दूधमुहे बच्चे का चेहरा भी देख ना पाया,
न जाने कितने स्वार्थी नेताओ और बुद्धिजीविओ ने,
इस देश की भोली जनता को धर्म, जाती और छेत्रवाद के नाम पर बरगलाया,
पर जो तुम भूजो तो मैं जानू, कितने नेताऔ ने खुदकी संतान को सेना में भर्ती करवाया??
पर जो तुम भूजो तो मैं जानू, कितने नेताऔ ने खुदकी संतान को सेना में भर्ती करवाया??
आऊंगा इस बार छुट्टियों में घर, ये कहकर मैंने उस पगली को समझाया,
जिसने मेरे वतन के प्रेम की खातिर, अपना जीवन डर के साये में पाया,
अपनी बूढ़े माँ बाप को करके वादा मैंने यू बहकाया,
की जो इस बार मैं आया घर, बनाऊंगा तेरे छत्त का साया,
जाती नज़र तक न उस छोर तक तुम लोगो की,
मैंने अपना कदम हर उस छोर पर ऐसा जमाया,
निकले हर आहट पर डर से दम ,
यु खौफ में जीता है दुश्मन का हर पल, हर साया,
बस युही बैठ सोचने लगा की ये सब चुनकर आखिर मैंने क्या पाया?
बस युही बैठ सोचने लगा की ये सब चुनकर आखिर मैंने क्या पाया?
फिर अगले ही पल सोचा मैंने, जो जीवन न आ सके देश के काम,
ऐसा भी जीवन क्या कोई जीवन है भाया ?
बस चलता हु वापस उसी ठिकाने पर क्युकी मेरे फौजी भाइयो ने मुझे है बुलवाया,
ऐसा भी जीवन क्या कोई जीवन है भाया ?
बस चलता हु वापस उसी ठिकाने पर क्युकी मेरे फौजी भाइयो ने मुझे है बुलवाया,
फिर एक बार दुश्मन ने मेरे देश के स्वाभिमान पर, है एक और सवाल उठाया,
ख़ुशी होती मुझे भी ये जानकार , मैंने भी जान लड़ा दी उस देश की खातिर,
ख़ुशी होती मुझे भी ये जानकार , मैंने भी जान लड़ा दी उस देश की खातिर,
जिस देश मे कितने वीरो ने अपना रख्त बहाया,
पर फिर वापस तोल के देखा अपनी जान को मैंने,
मेरे देश के लोगो की जान की तुलना में, हल्का ही पाया

Loved it.. made me cry at few lines.❤️
ReplyDeleteThanx Prem, so as it did to me while writing it.
Delete❤ अद्भुत / Amazing 👐🔱🕉🇮🇳🚩
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